शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ दुष्टभूतनिषेविताय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दुष्ट भूतों द्वारा भी पूजित और सेवित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मितभाषिणे नमः
ॐ तत्त्वरूपिणे नमः
ॐ वक्रतुण्डाय हुं
ॐ भूवराहाय विद्महे हिरण्याक्षहराय धीमहि तन्नो वराहः प्रचोदयात्।
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥