शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नजर दोष निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबाल-रक्षा मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, नजर दोष का निवारण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बुरी नज़र से रक्षा
विस्तृत लाभ
बुरी नज़र से रक्षा।
जप काल
भस्म अभिमंत्रित करके लगाने की विधि 11।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
ॐ पीतवाससे नमः
ॐ रणरङ्गजयाय नमः
ॐ ज्वालामालिने नमः
ॐ चण्ड्यै नमः