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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

महाकाल शत्रुनाशक मंत्र

हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमहाकाल मारण मंत्र / उग्र साधना मंत्र (षट्कर्म)
स्वरूपमहाकाल भैरव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

कालाग्नि के समान तेजस्वी महाकाल भैरव को नमन। मेरे अमुक शत्रु का शमन करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का विनाश, प्राण-रक्षा

विस्तृत लाभ

ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का विनाश, प्राण-रक्षा 7।

जप काल

श्मशान या एकांत में, गुरु-दीक्षा के पश्चात ही (अमुक के स्थान पर शत्रु का नाम लें) 7।

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