शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ कृपामय्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पूर्णतः कृपामयी और दया-स्वरूपा देवी।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
निरंतर दैवीय सहायता का अनुभव
विस्तृत लाभ
निरंतर दैवीय सहायता का अनुभव।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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जपहिं नामु जन आरत भारी। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥
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ॐ त्रिलोचनाय नमः।
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः
ॐ जनार्दनाय नमः
तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥