शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
संचित पापों का क्षय
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ कपालार्घ्यपरायणायै नमः
ॐ वाग्भवाख्याय नमः।
ॐ नीलवस्त्रधराय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवासुरमनुष्यबोधः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
नमामि भार्गवं रामं रेणुकाचित्तनन्दनं। मोचिताम्बार्तिमुत्पातनाशनं क्षत्रनाशनम्॥