दक्षिण मुख (नरसिंह) रक्षण मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
दक्षिण दिशा वाले भयानक नरसिंह मुख को मेरा नमस्कार है, जो सभी प्रकार के भूत-प्रेतों और पिशाचों का दमन करते हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
हर प्रकार के भय, पाप, और कुदृष्टि (Evil Eyes) तथा बुरी आत्माओं से पूर्ण रक्षा
विस्तृत लाभ
हर प्रकार के भय, पाप, और कुदृष्टि (Evil Eyes) तथा बुरी आत्माओं से पूर्ण रक्षा 10।
जप काल
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परात्पराय नमः
ॐ सर्वकर्त्रे नमः
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।
ॐ अच्युताय नमः
ॐ पद्मावत्यै नमः
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥