शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ ओङ्काररूपिण्यै देव्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो प्रणव (ॐकार) स्वरूपा देवी हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नाद-ब्रह्म की अनुभूति
विस्तृत लाभ
नाद-ब्रह्म की अनुभूति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
शान्तिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने। ग्रहपीडासु चोग्रासु माहात्म्यं शृणुयान्मम॥ 17
ॐ सर्वस्मै नमः
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।
ॐ गोविंदां-पतये नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये भगवान्विष्णुः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सर्वदोषनिषूदिन्यै नमः