शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पद्मनाभाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपद्मनाभ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्षीर सागर में शांत शयन करने वाले को नमन।
जप काल
शयन (Sleep) के समय
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु। भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु॥
ॐ नमो बटुक भैरवाय कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम सुखं तं तं मोहयतु स्वाहा।
ॐ करालाय नमः
ॐ स्वप्रकाशस्वरूपिण्यै नमः
ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥