शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पञ्चकूटायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो पञ्चकूट (पञ्च-मकार या पञ्च-तत्वों) की अधिष्ठात्री हैं।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्ममुख्यै नमः
ॐ सर्वदेवाधिदेवाय नमः
ॐ शम्भवे नमः
ॐ एकवर्णाय नमः
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥