शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पावकात्मजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअग्निपुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पावक (अग्नि) के पुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंतःकरण की अशुद्धियों का दहन
विस्तृत लाभ
अंतःकरण की अशुद्धियों का दहन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णपिङ्गाक्षाय हुं
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नीलांजना समाभास्वरूपिणी। या स्वाहा
ॐ ब्रह्मप्रकाशकाय नमः
ॐ रमायै नमः
ॐ तुलसीदामभूषणाय नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)