शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कृपा (प्रसाद) करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाली देवी को नमन 16।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दुर्गार्तिशमन्यै नमः
ॐ धीराय नमः
ॐ कोटिसूर्यसमप्रभाय नमः
ॐ धर्माध्यक्षाय नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥