शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ प्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसबके प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्त जनों और देवताओं को अत्यंत प्रिय हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रेम व सम्मान
विस्तृत लाभ
प्रेम व सम्मान
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनुग्रहायै नमः
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ वरवेषधराय नमः
ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः
ॐ महात्मने नमः
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥