माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ रसिकाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं सबसे बड़े रसिक हैं और प्रेम को ग्रहण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता
रूखे और विवादित रिश्तों में प्रेम का संचार
विस्तृत लाभ
जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता; रूखे और विवादित रिश्तों में प्रेम का संचार।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विभावर्यै नमः
विष्णुप्रिये! रत्नगर्भे! समस्तफलदे शिवे! त्वद्गर्भगतहेमादीन् सम्प्रदर्शय दर्शय॥
ॐ अव्ययाय नमः
ॐ दशग्रीवदर्पघ्नाय नमः
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
अनेकमन्त्रनादमञ्जुनूपुरारवस्खलत्समाजराजहंसवंशणिक्वाणातिगौरवे। विलोलहेमवल्लरीविडम्बिवारुचङ्क्रमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥