शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसच्चिदानंद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शरीर पंचभूतों से नहीं बल्कि सत्, चित् और आनंद से बना है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्म-दर्शन
विस्तृत लाभ
आत्म-दर्शन
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मायायै नमः
कमले कमलाक्षवल्लभे त्वं करुणापूरतरङ्गितैरपाङ्गैः। अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः॥
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ विश्वमूर्तये नमः
ॐ दुर्गभायै नमः
ॐ निटिलाक्षाय नमः