शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सहस्राक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपअनंत-नेत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके सहस्रों (अनंत) नेत्र हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वर की सूक्ष्म दृष्टि से बचना असंभव है
विस्तृत लाभ
ईश्वर की सूक्ष्म दृष्टि से बचना असंभव है
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः ॐ देवलक्ष्म्यै नमः ॐ सर्वोपद्रवनिवारिण्यै नमः।
दिव्याद्वृन्दारण्यकल्पद्रुमाधः श्रीमद्रत्नागारसिंहासनस्थौ। श्रीश्रीराधाश्रीलगोविन्ददेवौ प्रेष्ठालीभिः सेव्यमानौ स्मरामि॥
ॐ यक्षपूज्यायै नमः
भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्।