शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
घोर विपत्ति एवं संकट नाश हेतु
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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कोर्ट-कचहरी, राजदंड, और घोर जीवन संकट से आश्रितों की रक्षा
विस्तृत लाभ
कोर्ट-कचहरी, राजदंड, और घोर जीवन संकट से आश्रितों की रक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिलोकपालाय नमः।
ॐ नं रीं नित्यतृप्तधाम्ने तत्पुरुषात्मने तर्जनीभ्यां नमः
ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा