ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

द्व्यक्षर साम्राज्य लक्ष्मी

ॐ स्ह्क्ल्रीं हं नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

यह एक कूट-बीज है जो साम्राज्य और शक्ति का ध्वनि-प्रतीक है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

राजसत्ता, उच्च प्रशासनिक सफलता

विस्तृत लाभ

राजसत्ता, उच्च प्रशासनिक सफलता।

जप काल

ग्रहण या अमावस्या की रात्रि में।

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