शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हमेशा श्री (लक्ष्मी) से युक्त रहने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपार और स्थिर धन-संपत्ति
विस्तृत लाभ
अपार और स्थिर धन-संपत्ति 80
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अलक्ष्म्याः सर्वदा नमः।
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ निवृत्तात्मने नमः
ॐ शाश्वताय नमः
ॐ षोडशस्त्रीसहस्रेशाय नमः