शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
अजपाद रुद्र मंत्र
ॐ श्रीं बं सौघ बलवर्धनाय बालेश्वराय रुद्राय फट् ॐ
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबलवर्धन मंत्र
स्वरूपअजपाद रुद्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बल को बढ़ाने वाले और बालकों/भक्तों के ईश्वर अजपाद रुद्र को मेरा नमस्कार है, बुराइयों का फट् (विनाश) हो।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक एवं मानसिक बल में अपार वृद्धि, और ऊर्जा का स्थिरीकरण
विस्तृत लाभ
शारीरिक एवं मानसिक बल में अपार वृद्धि, और ऊर्जा का स्थिरीकरण 25।
जप काल
प्रातःकाल व्यायाम या योग से पूर्व।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ यज्ञभोक्त्रे नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।