शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ स्कन्दमाता ध्यान मंत्र
सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारध्यान मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सदैव सिंहासन पर विराजमान और दोनों हाथों में कमल पुष्प धारण करने वाली यशस्विनी माँ स्कंदमाता सदैव शुभ फल प्रदान करें 17।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
श्री राम जय राम सुंदर राम (Sri Ram Jaya Ram Sundara Ram)
ॐ राम रामाय नमः
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं राधिकायै नमः / ॐ राधायै स्वाहा।
ॐ करमालासिद्धिदात्र्यै नमः