शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपसुभद्रा-अग्रज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सुभद्रा के बड़े भाई (पूर्वज) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भाई-बहन के प्रेम हेतु
विस्तृत लाभ
भाई-बहन के प्रेम हेतु
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भं भं भं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवासुरमनुष्यबोधः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
अभयवरदहस्तः पाशदन्ताक्षमाला सृणिपरशुदधानो मुद्गरं मोदकं च । फलमधिगत सिंहः पञ्चमातङ्गवक्त्रो गणपतिरतिगौरः पातु हेरम्बनामः ॥
ॐ स्वयम्भुवे नमः
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
ॐ कलाधारायै नमः