शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ सुखास्वदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो परम सुख का आस्वादन कराती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
इंद्रिय-सुखों से वैराग्य और आत्म-सुख
विस्तृत लाभ
इंद्रिय-सुखों से वैराग्य और आत्म-सुख।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये कालान्तकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ वक्रतुण्डानुजाय नमः
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः
ॐ कालाय नमः।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥