शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वकाररूपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूप'व' कार बीज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'व' कार (वरुण/जल बीज) के स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भावनात्मक स्थिरता और जीवन में तरलता (Flow)
विस्तृत लाभ
भावनात्मक स्थिरता और जीवन में तरलता (Flow)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
ॐ शत्रुविनाशनाय नमः
ॐ सिद्धिविनायकाय नमः
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
उमासहायं परमेश्वरं प्रभुं त्रिलोचनं नीलकण्ठं प्रशान्तम्। ध्यात्वा मुनिर्गच्छति भूतयोनिं समस्तसाक्षिं तमसः परस्तात्॥
ॐ कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा