शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवाम-मार्ग रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वाम मार्गी तंत्र और शिव को प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा
विस्तृत लाभ
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
ॐ अजिनवासाय नमः
राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥
ॐ सर्वज्ञाय नमः
ॐ कपालचक्रवासिन्यै नमः