शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ वामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवाम-मार्ग रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वाम मार्गी तंत्र और शिव को प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा
विस्तृत लाभ
उग्र तांत्रिक साधनाओं में सुरक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ कपालार्घ्यप्रियप्राणायै नमः
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ शङ्करप्रियबान्धवाय नमः।
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ क्रतवे नमः