शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ विश्वम्भराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपालनहार
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो इस पूरे ब्रह्मांड का भरण-पोषण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आजीविका में स्थिरता, अन्न-धन की पूर्णता और पोषण की गारंटी
विस्तृत लाभ
आजीविका में स्थिरता, अन्न-धन की पूर्णता और पोषण की गारंटी।
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ॐ करञ्जारण्यवासिन्यै नमः
ॐ गोपस्वामिने नमः
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥ 18
ॐ अतीन्द्राय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये संहारकर्ता तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥