शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ विश्वस्मै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं संपूर्ण ब्रह्मांड स्वरूप हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक कार्यों में पूर्णता
विस्तृत लाभ
सांसारिक कार्यों में पूर्णता 22
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
ॐ युक्ताय नमः
ॐ महेश्वराय नमः
ॐ लोकपूज्याय नमः