शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमाता अंजनी के पुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता अंजनी के परम पवित्र पुत्र को नमस्कार है।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
ॐ श्रीनिवासाय नमः
ॐ कपालिने नमः
ॐ सुरलोकसुपूज्याय नमः।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नक्षत्राणि तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ इन्द्राय नमः