शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ अच्युताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने स्वरूप से कभी गिरते (च्युत) नहीं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्राप्त पद, धन और प्रतिष्ठा की स्थिरता
विस्तृत लाभ
प्राप्त पद, धन और प्रतिष्ठा की स्थिरता 19
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दीर्घकामाय नमः।
ॐ गुडाकेशाय नमः
सर्वाननशिरोग्रीवः सर्वभूतगुहाशयः। सर्वव्यापी स भगवांस्तस्मात् सर्वगतः शिवः॥
ॐ रामचन्द्राय नमः
ॐ भीमाय नमः
तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥