शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ अजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपअजन्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अजन्मा हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जन्म-मरण से परे जाना
विस्तृत लाभ
जन्म-मरण से परे जाना
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कैवल्याय नमः
चकौं (Cakaum)
ॐ विकर्त्रे नमः
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ पुण्यश्लोकाय नमः