शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ अनन्तमूर्तये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअनंत स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अनंत स्वरूप धारण करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दृष्टि का विस्तार और सर्वत्र ईश्वर दर्शन
विस्तृत लाभ
दृष्टि का विस्तार और सर्वत्र ईश्वर दर्शन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रतापनाय नमः
ॐ नन्दिन्यै नमः
ॐ अधीश्वर्यै नमः
ॐ दुर्गभायै नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं आद्या कालिका परम् ईश्वरी स्वाहा