शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ अशोकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं शोकरहित हैं और भक्तों के शोक हरती हैं, उन्हें नमन 17।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सोमनन्दनाय नमः
ॐ अक्षराय नमः
ॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्
ॐ वाग्मिने नमः
ॐ कस्तूरीदाहजनन्यै नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥