शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ बलानुजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपभ्रातृ-प्रेम प्रतीक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बलराम जी के अनुज (छोटे भाई) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भाई-बहनों में प्रेम वृद्धि
विस्तृत लाभ
भाई-बहनों में प्रेम वृद्धि
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वगतायै नमः
ॐ शुचये नमः
ॐ लोकाध्यक्षाय नमः
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ कदलीरूपायै नमः