विजया नित्या मंत्र
भ्म्यरौं (Bhmyaraum)
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
सर्व-विजयी शक्ति को प्रणाम।
इस मंत्र से क्या होगा?
शास्त्रार्थ, बौद्धिक चर्चा और युद्ध में निश्चित विजय
विस्तृत लाभ
शास्त्रार्थ, बौद्धिक चर्चा और युद्ध में निश्चित विजय।
जप काल
अष्टदल कमल में आवाहन एवं न्यास।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ कस्तूरीपूजकप्रियायै नमः
ॐ वराहाय नमः
ॐ गं नमः (अथवा केवल 'गं')
ॐ सरस्वत्यै च विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै च धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥