शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
बुद्धिं देहि यशो देहि
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनील सरस्वती स्तोत्र मन्त्र
स्वरूपमूढत्व-हारिणी (मूर्खता नाशिनी)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे देवी! मुझे बुद्धि दें, यश दें, कवित्व दें। मेरी मूर्खता को हर लें और मेरी रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पूर्ण मूर्खता और जड़ता का हरण, कवित्व शक्ति का वरदान
विस्तृत लाभ
पूर्ण मूर्खता और जड़ता का हरण, कवित्व शक्ति का वरदान।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र