शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ धरणीपालकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवराह / कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धरती के रक्षक को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूकम्प आदि आपदाओं से रक्षा
विस्तृत लाभ
भूकम्प आदि आपदाओं से रक्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।
ॐ सर्वसिद्धाय नमः
ॐ जनार्दनाय नमः
ॐ वागीश्वर्यै नमः
ॐ कारणार्चनहर्षितायै नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥