शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ दुर्गमतायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दुर्गम विचारों और दर्शनों की जननी हैं।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भूवराहाय विद्महे हिरण्याक्षहराय धीमहि तन्नो वराहः प्रचोदयात्।
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे। राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे॥
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
ॐ गोपालाय नमः
ॐ आनन्दाय नमः