शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ गदाग्रजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपगद-अग्रज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गद (कृष्ण के भाई) के अग्रज (बड़े भाई) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परिवार में ज्येष्ठता का सम्मान
विस्तृत लाभ
परिवार में ज्येष्ठता का सम्मान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्वभूतान्तरात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥
शुद्धं बुद्धं महाप्रज्ञापण्डितं रणपण्डितं। रामं श्रीदत्तकरुणाभाजनं विप्ररंजनम्॥
ॐ इन्दिरायै नमः
यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात् विमुच्यते
ॐ कदम्बपुष्पमालिन्यै नमः