शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ ग्रामवासाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हर ग्राम/गांव के बाहरी क्षेत्र में रक्षक देवता (ग्राम-देवता) के रूप में निवास करने वाले।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अक्षमालां कुठारं च रत्नपात्रं स्वदन्तकम् । धत्ते करैर्विघ्नराजो ढुण्ढिनाम मुदेऽस्तु नः ॥
ॐ महाकाल्यै नमः
दयासुदृष्टिं कुरुतां मयि श्रीः! सुवर्णदृष्टिं कुरु मे गृहे श्रीः॥
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
ॐ कामाद्याय नमः
ॐ कमलासनसन्तुष्टायै नमः