शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ गुणश्रेष्ठाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपश्रेष्ठ गुणों वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनमें दया, क्षमा, शौर्य आदि सभी श्रेष्ठ गुण विद्यमान हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सद्गुण
विस्तृत लाभ
सद्गुण
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
नारायण एवेदं सर्वं यद्भूतं यच्च भव्यम्
ॐ नमो भगवते आञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा॥
ॐ हंसायै नमः
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
शिवेन वचसा त्वा गिरिशाच्छा वदामसि। यथा नः सर्वमिज्जगदयक्ष्मं सुमना असत्॥