शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
तंत्र-बाधा निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारमारण-स्तंभन नाशक
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, मेरी तंत्र बाधाओं का निवारण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काले जादू के प्रभाव को नष्ट करने हेतु
विस्तृत लाभ
काले जादू के प्रभाव को नष्ट करने हेतु।
जप काल
अनुष्ठान पूर्वक जप 11।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अयं यः सृञ्जये पुरो दैववाते समिध्यते । द्युमाँ अमित्रदम्भनः ॥
ॐ देवाय नमः
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ऐं (Aim)
ॐ गोकुलानन्ददायिन्यै नमः
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः