शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शक्ति विनायक त्र्यक्षरी मंत्र
ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपशक्ति विनायक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बीजाक्षर का शाब्दिक अर्थ नहीं होता।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपार आर्थिक सफलता, समृद्धि और उत्तम शारीरिक स्वास्थ्य
विस्तृत लाभ
अपार आर्थिक सफलता, समृद्धि और उत्तम शारीरिक स्वास्थ्य।
जप काल
धन-प्राप्ति की विशिष्ट साधनाओं में।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमः कमलवासिन्यै स्वाहा॥
ॐ अचलायै नमः
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ श्रीकृष्णाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये द्वादशादित्याः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ महीभर्त्रे नमः