शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ कृपालवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकृपालु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कृपा के अथाह सागर को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वरीय क्षमा और अनुग्रह की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ईश्वरीय क्षमा और अनुग्रह की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
ॐ गोविन्दाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
ॐ अन्तर्याम्यै नमः
कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥