शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ कृष्णप्रेमाब्धिसभर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कृष्ण प्रेम के सागर से भरी हुई हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हृदय में करुणा और प्रेम की बाढ़
विस्तृत लाभ
हृदय में करुणा और प्रेम की बाढ़।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ पार्वत्यै नमः
ॐ धन्विने नमः
ॐ जगद्गुरवे नमः
ॐ ब्रह्मणस्पते त्वमस्य यन्ता सूक्तस्य बोधि तनयं च जिन्व । विश्वं तद्भद्रं यदवन्ति देवा बृहद्वदेम विदथे सुवीराः ॥
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ आर्यायै नमः