शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ क्षत्रियाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्षत्रियों के समान पराक्रमी रक्षक को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अजायै नमः
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु रक्तवर्णो विनायकः ॥
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
ॐ अच्युताय नमः
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥