शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ मध्यं पातु हिरण्याक्ष-वक्षःकुक्षिविदारणः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमध्य भाग (पेट) / उग्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हिरण्याक्ष (व हिरण्यकशिपु) का वक्ष फाड़ने वाले मेरे मध्य भाग की रक्षा करें। (उदर रोगों से मुक्ति)।
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