शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ महानन्दाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरमानंद रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो परमानंद के असीम महासागर हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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गहरी डिप्रेशन (अवसाद), दुःख और शोक की अवस्था से त्वरित मुक्ति
विस्तृत लाभ
गहरी डिप्रेशन (अवसाद), दुःख और शोक की अवस्था से त्वरित मुक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ ज्योतिष्मत्यै नमः
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
ॐ दैत्यकालाय नमः।
प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥
ॐ करुणामृतसागरायै नमः