नृसिंह मंत्र
मृणालवालवल्लरी तरङ्गरङ्गदोर्लते लताग्रलास्यलोलनीललोचनावलोकने। ललल्लुलन्मलन्मनोज्ञमुग्धमोहनाश्रिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कमलनाल के समान भुजाओं वाली, चंचल नीले नेत्रों वाली और मुग्धकारी मोहन (कृष्ण) की आश्रिता हे राधे, मेरी ओर कृपादृष्टि करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
लाभ: चंचल मन की स्थिरता
विस्तृत लाभ
लाभ: चंचल मन की स्थिरता।
टिप्पणी
यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वदेवात्मकाय नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।
ॐ वाचे नमः
ॐ द्वैमातुराय नमः
ॐ कालकालाय नमः