शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ नागभूषणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशिव-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्पों का आभूषण धारण करने वाले शिवपुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कुंडलिनी-सर्पिणी का सुरक्षित जागरण
विस्तृत लाभ
कुंडलिनी-सर्पिणी का सुरक्षित जागरण।
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ॐ अचलायै नमः
ॐ हृदयं विजया तथा।
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
श्रीहरिः पातु ते वक्त्रं मस्तकं मधुसूदनः । श्रीकृष्णश्चक्षुषी पातु नासिकां राधिकापतिः ॥
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥