शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ नारायणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआदि-पुरुष
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी जीवों के आश्रय-स्थल नारायण को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी प्रकार के मंगल हेतु
विस्तृत लाभ
सभी प्रकार के मंगल हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
ॐ विभूत्यै नमः
ॐ चिन्तामणये नमः
ॐ स्वाँ हृदयाय नमः, ॐ ह्रीँ शिरसे स्वाहा, ॐ क्लीँ शिखायै वषट्, ॐ ऐँ कवचाय हुं
ॐ अपराधप्रणाशिन्यै नमः
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8