शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ नारायणाय नमः (पाञ्चरात्र दीक्षा)
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशरणागति मंत्र
स्वरूपपरम आश्रय नारायण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं सभी जीवों के परम आश्रय नारायण की शरण में हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान की शरणागति (Prapatti) और मोक्ष की सुनिश्चितता
विस्तृत लाभ
भगवान की शरणागति (Prapatti) और मोक्ष की सुनिश्चितता 49।
जप काल
गुरु से दीक्षा प्राप्त करने के पश्चात्।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
ॐ दुर्गमतायै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ करञ्जारण्यवासिन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये संहारकर्ता तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ दामोदराय नमः